हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार , अफ़ग़ानिस्तान की अंतरिम सरकार के तरजुमान ज़बीहुल्लाह मुजाहिद ने वॉशिंगटन की तरफ़ से तेहरान को दी गई धमकियों पर रद्दे-अमल देते हुए कहा कि अगर हमसे दरख़्वास्त की गई तो अफ़ग़ान अवाम अपनी इस्तिताअत के मुताबिक ईरानी अवाम की मदद के लिए तैयार हैं।
उन्होंने कहा कि ईरान और सिहयोनी हुकूमत के दरमियान हुई 12 रोज़ा जंग में तेहरान फ़ातेह रहा था और अगर अमेरिका ने दोबारा हमला किया तो भी ईरान ही कामयाब होगा।
तालिबान हुकूमत के इस ओहदेदार ने ईरान को मज़बूत और बासलाहियत मुल्क बताते हुए कहा कि ईरान हक़ पर है और उसे अपने दिफ़ा का पूरा हक़ हासिल है।
वाज़ेह रहे कि सिहयोनी हुकूमत ने अमेरिका की हिमायत से इसी साल ख़ुरदाद के महीने में ईरान पर हमला किया था।ईरान के सख़्त जवाब के नतीजे में सिहयोनी हुकूमत अपने ऐलानशुदा मक़ासिद से पीछे हटने पर मजबूर हुआ और जंगबंदी क़ायम हुई।
अमेरिका ने ईरान की अस्करी सलाहियत और क़ौमी यकजहती को देखते हुए इख़्तिलाफ़ी मसाइल को बातचीत के ज़रिये हल करने की कोशिशें तेज़ कर दी हैं।
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